ए सर्दी ए गर्मी ए बारिश ए धूप ए चेहरा ए कद,
और ए रंग रूप,
दरिंदों जड़ीनंदो पे काबू दिया,
तुझे भाई दे कर के बाजू दिया,
बहन दी तुझे और सरीखे सफर, ए रिश्ते ए नाते घराना ए घर
की औलाद भी दी,
दिए वाले दैन,
अलिफ लाम बीम और ऐन,
कि अब्दो सहालत सउरो नजर, ए बस्ती ए सेहरा ए कश्ती ए तर, और उस पर किताब ए हिदायत भी दी,
नबिबी उतारे ए शरीयत भी दी,