"यह जगह भी वही है, ये खूबसूरती भी वही है, और मैं भी! बस एक तुम्हारे ना होने से इसकी खूबसूरती कहीं खो सी गई है। तुमसे दूर होना मेरा सबसे बड़ा गुनाह था, तुम्हें तकलीफ देना मेरी सबसे बड़ी गलती। जानता हूं तुम मुझे कभी माफ नहीं कर पाओगी और मैं उम्मीद भी नहीं करता। लेकिन क्या तुम्हारे हाथों की सजा पाने का हक मुझे है? अगर है तो फिर कहीं से आ जाओ और खुद सजा दो मुझे। तुमसे दूर होकर भी सांसे ले रहा हूं! ये आंखें तुम्हें देखे बिना भी सब कुछ देख रही है! ना जाने और कितने वक्त तक यह सब कुछ सहना होगा...... जानता हूं तुम पर हक नहीं है मेरा फिर भी क्यों यह दिल तुम्हारा इंतजार करता है? फिर भी क्यों तुम्हारे आने का उम्मीद करता है? क्यो तुम्हारे नाम से सांसे चलती है, क्यों सीने में अब भी यह दिल धड़कता है?"
(ये हम आ गए कहा!!!)