1 - अपनी पति कि इज्जत ओर सम्मान के लिए गर्भावस्था में तपस्वी की जिंदगी गुजारी, फिर भी मेरी अग्नि परीक्षा लिया गया ( सीता)।
2 - सच्चा प्यार करते हुए भी कुछ नहीं मिला मुझे, वदले में कलंकि नाम से वोली गई (राधा)।
3 - अपने पति कि सम्मान रखते हुए, अग्नि में आत्महुति दे दि (सती)।
4 - जाने अनजाने में किया गया गलती कि वजह से,अपने पति कि श्राप को पथर् बन कर खुसी खुसी सेहती गई (अहल्या)।
5 - हमारा पति राक्षस होते हुए भी हम उनके साथ हमेशा एक सती स्री के नाते साथ दी(वृन्दावती,,,,मोन्दंदोरी)।
6 - अपनी पति कि जिंदगी के लिए मुझे धर्मदेव,यमदेव को सामना करना पड़ा (सावित्री)।
7 - हमे जिंदगी भर में कभी भी अपने पति का साथ ओर प्यार नहीं मिला,,, फिर भी हमने उनके वच्चों को सत् मार्गदर्शन कराई (सुरुचि,,, शकुन्तला)।
8 - अपनि पंच पतियों की खुशी के लिए ना जाने मुझे कितनी बार अग्नि में स्नान करना पड़ा , ओर सत् रंज में बाज़ी भी लग् गई (द्रौपदी)।
आज सव् कलीयुग में वोलते हें,,,ये नारी क्या करता हे किसी के लिए????
अगर बो किसी के लिए कुछ नहीं करता हे तो वदल् कर् दिखाओ ये सारे शास्त्रों और पुराणों को।।
जो इन्सान वोलते हें की नारी ही इस संसार का सव् कुछ हे,,, लड़कियां कि हंसना घर् के शुभ ओर रोना घर् के लिए अशुभ् होता हे।,,,
तो किउं हमेशा इस दुनिया में लड़कियों को बुरि नज़र से देखा जाता हे?? कन्या भ्रूण हत्या किया जाता हे?? घर में घर् की बंधुओं को देहेज् के लिए हत्या कर दि जाती हे?? छोटे छोटे मासुम् लेडकीयों की बलात्कार हो जाता हे??
जब् हमारी सोच, ओर घर परिवार के दिए हुए लड़कियो के खिलाफ बुरे संस्कारों वदले गी तभी जाकर इस दुनिया वदले गी।
नहीं तो सरकार भी कुछ नहीं कर पाएगी।
(जय जगन्नाथ,जय ओड़िशा,जय हिन्द)।