आज किंतनी बहने भाई के बिगड़ने से परेशान है ?
भाई व्यसन ,दारू,चोरी,जुगार की लत लग गई युवा पीढ़ी को कोई न कोई किसी न किसी का भाई है 😔कोई बहन है उसके मन की तकलीफ क्या कोई समज पायेगा??सुभकामना देने से सब ठीक हो जाता है क्या राखी बांधने से सब ठीक हो जाता है ?
क्या कोई ऐसे राखी मार्किट में नही जो ऐसे भाई ओ को दुर्गुण से बंचाये??
क्या वो ऐसे वचन दे सकता नही बहन को की आज से व्यसन बंध?
हजारों के तोहफे ,महंगी चीजो से बहेतर उसे आपके भविष्य की चिंता होती है क्या वो उस पीड़ा को कभी महसूस भी कर पाता है?
नकार ने से खुन के रिश्ते तो नही मिट जाते?
नकार ने से भावना के स्तर पर बंधे रिश्ते तो नही बदल जाते??
क्या भाई अपनी बहन को चिंता मुक्त का उपहार दे सकता है??किसी भी व्यसन के आगे इतने तो क्या मजबूर हो गए कि सामने कुछ दिखता ही नही
😢शादी के बाद दूसरा पहलू बीवी ननंद मायके आती है तो मुँह फुलाकर बेठ जाती है
उस भाई की पीड़ा को कभी महसूस किया है?
जो उसे 500 देना चाहते है किंतु तुमने उसे बांध कर रखा है 100 ही देना है😔
बेटी मायके आने से पहले भाभी को चिंता लगी रहती की पर्स भरकर चली जाती है (कल 6,7 घर से इस विषय पर कॉल आया था लड़ाई झगड़े राखी के कारण)
उस पृरुष की तकलीफ को कभी महसूस किया है
राखी के आने से पहले ही 10 दिन पहले घर मे झगड़े शुरू हो जाते है 😔
त्यौहार आनंद का प्रतीक है यदि इसमें भी तुम आनंद नही ले पा रहे हो व्यर्थ मोह ,पैसे के चक्कर मे तो तुमसे बड़ा दुःखी कोई नही दुनिया मे😔
खुद स्वतंत्र जियो ओर सामने वाले को भी स्वतंत्रता से जीने दो घुटन महसूस हो ऐसे बर्ताव न करे ।
क्यो व्यर्थ उलझनों में पड़ रही हो क्यों खुद व्यर्थ कर्मो के बंधन में बंध रही हो ।
ये तुम जो रोकटोक लगाती हो न तुम अपने पति के मन से उतरने का कारण बन रही हो मोन्न कि बहुत परिभाषा होती है और जो समज जाये वही जीवन मे सफल है बाकी तो जीवन है चलता था चलता है चलता रहेगा किंतु तुमने क्या किया???