रक्षाबंधन
रक्षाबंधन तो तब था जब भैया
इस बात पर लड़ता था कि
तुम कंजूस हो मक्खी चूस हो
सबसे महँगी राखी लाओगी
तो बॉंधेंगे वरना हरी झंडी
यदि दोस्तों में सबसे ऊँची
राखी मेरी होगी तो पैसे मिलेंगे
वरना खाओ ठंडी हवा लाली
वह स्पंज की ऊँचाई नाप कर
देखी जाती मंदिर में बैठकर
मेरी राखी सबसे ऊँची
मै राजा तुम सब मेरे दास…
तब बहिन की फ़रमाइश
होती सबसे बड़ा नोट मिलेगा
तो बांधी जायेगी राखी
अपनी गुल्लक दिखाओगे
तो खिलाई जायेगी मिठाई
मेले में झूला झुलाओगे
चाट पकौड़ी खिलाओगे तो
भैया नहीं,भाईसाहब कहलाओगे ।
सभी भाई-बहिनों को रक्षाबंधन
की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई
आशा सारस्वत
#Rakshabandhan