एक बात अपलोग से साथ शेयर करना चाहता हु।
जिंदगी में ना कभी कभी एक सवाल करने के लिए बहुत सोचना पर जाता है।
और मन ही मन में सोचते है क्या ये पूछना सही होगा। अगर उसका जवाब हां हुआ तो क्या होगा।
फिर सोचते है रहने देते है ना जैसा चल रहा है चले देते है।
इतना सोचने के बाद आखिर में पूछ ही लेते है।
सवाल – क्या मेरे रिश्ते का सिलसिला कमजोर होगाई है?? या कही और रिश्ते का सिलसिला मजबूत होगइ है?
ये जो सवाल हैं बहुत ही मुस्किल होता है।
जब बात बिगरने लगे तो बाते किया करो ।
इस से भी नही हो तो मुलाकाते किया करो लेकिन सक कभी ना किया करो ।😊😊