शिव महादेव महाकाल भक्तों को हर हर महादेव जय जय महाकाल सावन माह शिवरात्रि व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों की तरफ से, शिव महादेव महाकाल की विशेष जानकारी.........
पौराणिक कथा के अनुसार जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन चल रहा था. उस मंथन से 14 रत्न निकले थे, उनमें एक हलाहल विष भी था, जिससे संसार के नष्ट होने का डर था. उस समय सृष्टि की रक्षा के लिए शिवजी ने उस विष को पी लिया लेकिन अपने गले से नीचे नहीं उतारा. जहर के प्रभाव से भोलेनाथ का गला नीला पड़ गया, इस वजह से उनका नाम नीलकंठ पड़ा. कहा जाता है कि रावण कांवड़ में गंगाजल लेकर आया था, उसी जल से उसने शिवलिंग का अभिषेक किया था, तब जाकर शिवजी को विष से राहत मिली थी.
बोल बम के नारे के साथ की जाने वाली यह कांवड़ यात्रा इस साल श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानि 26 जुलाई 2022 को भगवान शिव को जल चढ़ाने के साथ पूरी होगी. शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए शुभ मुहूर्त सायंकाल 07:23 बजे से प्रारंभ होकर 09:27 मिनट तक रहेगा.
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव जय महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू बुधवार कल संध्याकाल से शिव महादेव का जलाभिषेक चल रहा है जो आज संध्याकाल तक चलेगा..... भगवान शिव मां दुर्गा श्री कार्तिकेय सर्व प्रथम पूजनीय श्री गणेश जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का सभी भक्तों को शुभ बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
ॐ त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम् उर्वारुकमिव बंधनान् मृत्यामुक्षीय मामृतात्
आज शिव सावन माह का चौदहवां दिन
है शिव पुत्र श्री गणेश जी का वार
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
शुभ बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं
एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभा!
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा!! - ब्रह्मदत्त
त्यागी हापुड़
शुभ बुधवार जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त त्यागी
वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभा !
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा!! - ब्रह्मदत्त त्यागी
हापुड़
ॐ गं गणपते नमः ॐ
शुभ बुधवार ॐ नमः शिवाय,
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः,
हर हर महादेव जय महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू, जय श्री गणेशाय नमः ब्रह्मदत्त त्यागी
- ब्रह्मदत्त त्यागी
हापुड़
-