रीम-झीम रीम-झीम बारिसका आना
हमारा दौडकर यु छत पर जाना
बारिस थम ना जाये तब तक
उसमे भीगने का लुफ्त उठाना
कभी हमारा हाथो का फैलाना
तो कभी पैरो से उछलना
पानीमे बस खेलते रहेना
बारबार माँ का पुकारना
फीर भी मन ना करता लौटकर जाना
बहुत याद अाता है
वो मस्तीका खजाना
सावन अब भी अाता है मगर,
आता नही वो बचपन का जमाना।