कल शिव के रुद्र अवतार रूप हनुमान जी का शुभ दिन था अर्थात १२ जुलाई दिन मंगलवार ब्रह्मदत्त और आज भगवान शिव के पुत्र भगवान श्री गणेश जी का बुधवार है अर्थात १३ जुलाई दिन बुधवार ब्रह्मदत्त और आने वाले कल शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू सावन माह का प्रारंभ हो रहा है.... ब्रह्मदत्त
आओ कुछ विशेष बातें जानते हैं शिव सावन विषय के बारे में....... ब्रह्मदत्त
वैसे तो प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को
मासिक शिवरात्रि कहा जाता है, लेकिन सावन मास की
मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है.
- ॐ त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ब्रह्मदत्त त्यागी
(सावन शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू शिवरात्रि पर करें अटूट विश्वास के साथ शिव पूजा सभी बिगड़े कार्य बनेंगे ➖ ब्रह्मदत्त) सावन (शिव महादेव महाकाल भोलेनाथ शंकर शंभू सावन माह सावन पूजा-ब्रह्मदत्त) शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा के लिए भक्त सुबह उठकर
नित्यकर्म से निवृत हो जाते हैं.
- ॐ त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ब्रह्मदत्त त्यागी
इसके बाद स्नान करके शिवजी की ध्यान कर व्रत का
संकल्प लिया जाता है. सावन शिवरात्रि की पूजा शिव
मंदिर या घर में की जा सकती है.
- इस दिन शिवजी का रुद्रभिषेक करना शुभ होता है.
इसके लिए गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शक्कर, शहद, गन्ने
का रस से भोलेनाथ का अभिषेक किया जाता है.
इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, धतूरा, सफेद
चंदन, रोली, फल इत्यादि अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद
शिव मंत्र, शिव स्तुति और शिव चालीसा का पाठ किया
जाता है. शिवरात्रि की कथा सुनने के बाद धूप-दीप से
शिव जी की आरती की जाती है.
- प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़