“मैं उस मोहब्बत का शायर हूँ,
जो कभी जिस्म के साथ नही मरती।
वो अगले जन्म और उसके बाद,
और अगले जन्म का इंतज़ार करती है।।
मिलने के लिए…
तुम मोहब्बत नहीं समझते हो,
हम भी अपनी अनाह में जलते हैं।
इस दफ़ा बंदिशें कुछ ज़्यादा हैं,
चल छोड़ अगले जन्म में फिर मिलते हैं।।” - © जतिन त्यागीं