लहेरोसे क्या डरना,जब सागर पार करना।
तू कर कोशिश कभी हार नही होगी।।
चीटी जब चढती दीवार पर है,
गीरती फिर चढती वह बार बार है।
फिर भी वो मन मे रखती विश्वाश अपार है।
चढकर गिरती,गिरकर फिर चढती।
आखिर उसकी मेहनत रंग लाती है।
तू कर कोशिश कभी हार नही होगी।।
मत रख भरोसा अपनी किस्मत पर ।
पथरिले पथ पर चलके मन चाही मंझील हासिल कर।
तू कर कोशिश कभी हार नही होगी।।
असफलता को तू स्वीकार कर।
जो कमी रह गई ऊस पर तू विचार कर।
सफलता मिलने तक तेरा संघर्ष जारी रख।
जब तक ना हो सफल तेरी महेनत जारी रख।
हारसे डरकर मत भागो तूम।
कुछ कीए बीना तो तेरा नाम नही होगा।
तू कर कोशिश कभी हार नही होगी।।