नया नया सा प्यार है
नई नई सी बहार है
नए नए से लगते हम
नया नया सा है ये ग़म।
नई नई तेरी मेरी ये प्रीत
जानूं न क्या है ये रीत
नई नई सी हुई है पहचानें
फिर क्यों लगे तुम हो साथी पुराने
नई नई सी है खुशियां
जो ढूंढती तुझमें अपनी ही खूबियां
नया नया सा प्यार है
बागों में एक नई सी बहार है
सृष्टि तिवाड़ी