सपने तो बहोत होते हम बेटियों के,
पर पंख कहां सबको मिल पाते !
सपने तो बहोत होते हम बेटियों के,
पर अपनो के लिए कदम पीछे हट जाते !
सपने तो बहोत होते हम बेटियों के,
पर किचन के चूल्हे मे है जल जाते !
सपने तो बहोत होते हम बेटियों के,
पर सिर्फ मजाक की बात बनकर रह जाते!
सपने तो बहोत होते हम बेटियों के,
चलो छोड़ो यार,किसको पड़ी है ? जो कोई समझ पाते !