हंस के मिलते हैं भले दिल में चुभन रखते हैं,
हम से कुछ लोग मोहब्बत का चलन रखते हैं।
पाँव थकने का तो मुमकिन है मुदावा लेकिन,
लोग पैरों में नहीं मन में थकन रखते हैं|
ठीक हो जाओगे कहते हुए मुंह फेर लिया,
हाय! क्या खूब वो बीमार का मन रखते हैं।
हम तो हालात के पथराव को सह लेंगे,
बात उनकी है जो शीशे का बदन रखते हैं।
मुदावा= Cure