तुम शिव रुप मे करूणा हो ,
ममता सागर का शिवा बनी |
तुम ही कृष्णा तुम राधा माँ !
तुम महालक्ष्मी संसार बनी |
तुम राम बनी , तुम ही सीता ,
माँ सरस्वती उद्धार बनी |
तुम ही ब्रह्मा ,तुम ब्रम्हाणी,
तुम सावित्री उपकार बनी |
तुम मन हो ,मन की शक्ति माँ ,
तुम मना भावना भक्ति हो |
हर रुप निराला तेरा माँ !
तेरे अतिरिक्त कोई है क्या?
19/04/2022
🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹