थोड़ा सा बेरंग हूं
तुम थोड़ा सा रंग,रंग दो ना.....
दर्द से भरी हुई हैं जिंदगी मेरी
तुम झोली खुशियों से भर दो ना ....
एक हो कर भी हम अनेक हैं
तुम संग मेरे चल दो ना ....
कब तक हम यूं ही अलग रहेंगे
हाथ मेरा पकड़ लो ना .....
तन्हाई साथ रहती हमेशा मेरे
परछाई मेरी बन लो ना....
यूं ही हम,एक हो कर अनेक हैं
साथ मेरे रह लो ना.....
कब तक यूं ही दूर रहेंगे
हमसफर मेरा बन लो ना...
सपने झंजोए हैं बहुत मैंने
तुम हकीकत उनमें बन लो ना...
यूं ही उदास बैठे हम
तुम खुशियों से जिंदगी भर दो ना...
यूं ही हम,एक हो कर अनेक हैं
हमसफर मेरा बन लो ना....