वेद वाणी 6-64-6
उत्ते वयश्चिद्वसतेरपप्तन्नरश्च ये पितु भाजो व्युष्टौ।
अमा सते वहसि भूरि वाममुषो देवि दाशुषे मत् र्याय॥ ऋग्वेद ६-६४-६॥
उषाकाल होने पर पक्षी अपने घोंसलो को छोड़कर बाहर आ जाते है, एवं किसान उठकर कृषि कार्यो मे लग जाते है, इसी प्रकार जो भी मनुष्य उषाकाल मे उठकर अपने कार्यो मे लग जाते है उन्हे सफलता मिलती है।
Birds leave their nests at dawn and come out, and farmers get up and engage in agricultural work, similarly those people who get up in the early morning and get engaged in their work get success.