सुप्रभात💐
।।जय सियाराम जी।।
जन्म के रिश्ते...
ईश्वर के प्रसाद जैसे होते हैं..!!
लेकिन खुद के बनाए रिश्ते..
आपकी अमूल्य निधि हैं..!!
इन्हें संजोकर रखें...!!!
और...
खुद को सागर सा बनाकर रखिए..
नदियां खुद मिलने चली आएंगी ...!!!!!
🌹सुखद जीवन की मंगल कामनाएं🌹