English Quote in Thought by ArUu

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हम जैसे लोग न साहब...बचपन से ही उपेक्षित होते है। बचपन से ही ठुकराये होते है... फिर कोई आता है और यकीन दिलाता है की हम भी खास है उनके लिए तब हमे लगता है जैसे जिंदगी ने फिर से हमे थाम लिया पर वक़्त के साथ हम उसके लिए भी उपेक्षित हो जाते है। जहा से निकले थे वही को आ जाते है पर कुछ फर्क होता है वो बस ये की तब तक हम अपना सब उसपे लुटा चुके होते है। ना घर वाले के हो पाते है और न किसी और के... हाँ इसमें गलती हमारी है की जब हमें पता है की हमारी जगह क्या है फिर भी हम कोशिश करते है किसी को अपना बनाने कि फिर चाहे वो हमे लाख जलील करे... हम उससे दूर नहीं होना चाहते है क्युकी तब तक वो शक्स हमारी जिंदगी बन चुका होता है। और वो हमें जलील करने का कोई मौका नहीं छोड़ सकता क्युकी हम पैदा ही इसीलिए होते है ताकि हर बार उपेक्षित होते रहे। we deserve this🙏🏻

English Thought by ArUu : 111781526
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