लोग राहों में कांटे बिछा रहे हैं..
हम कदम पर कदम मुस्कुरा रहे हैं..
अक्सर उन्हीं से चोट खा रहे हैं..
जिनको चोट लगने से बचा रहे हैं..
हालात कुछ यूं कि दूसरो को खुश करने के लिए खुद का भी मजाक बना रहे है..
दिल रोता है , फिर भी खुद को हंसा रहे हैं ..
-Radhe shyam