ठंडी हो या गरमी,दिन हो या रात,
सब कुछ भुलाकर काम करता है एक किसान,
बारिश कम हो तो सूक जाते खेत,
बारिश ज्यादा हो तो बहे जाते है खेत,
सारा फैसला बारिश पे निर्भर करता है,
एक किसान की जिंदगी
दो बूँद बारिश तय रहतीं है,
सारी परेशानियों को झेल कर,
हमें धान खिलता है किसान।