मां शारदा वंदना।
विद्या की अधिष्ठात्री देवी शारदा माता।
जो भी तेरे दर पे आए वो झोलियां
भरकर जाता माता।
कालि तुलसी और कबीर तेरी भक्ति
कर बन गये महान हे शारदा माता।
जय जय हे शारदा माता।
शीश पर रख हस्त मां शारदे और
अनिता अधम को दे आशीष ।
कर कृपा मां शारदे नतमस्तक होकर
वंदना करें मैया जी दे बख़्शिश।
आल्हा और ऊदल तेरे पूजन कर
हो गए अमर।
जो भी धरता तेरा ध्यान वो पाते
हैं मनोवांछित फल।
हे शारदा माता दे शुभ शुभ वरदान
हो जाए जन जन का कल्याण।
कोटि-कोटि प्रणाम मां शारदा।
अनिता कहे अब करो नवनिर्माण ।
जग में हो प्यार और मनुहार।