मां सरस्वती वंदना।✍️
वागीश्वरी विश्वेश्वरी विन्ध्येश्वरी मां शारदे।
विद्या दायिनी वीणा पाणिनी वीणा वादिनी
मां शारदे।
शब्दों का ज्ञान करा दे मां शारदे।
शब्दों का चयन सटीक करें मां शारदे।
शब्द दीन दुखियों के दर्द हरे मां शारदे।
लेखनी को शक्ति दे मां शारदे।
त्रय ताप हरो मां शारदे।
लेखनी निस्वार्थ सेवा करे मां शारदे।
शब्दों से जग उपकार हो मां शारदे।
शब्दों को तार दे मां शारदे।
शब्दों को सम करो मां शारदे।
शब्दों की विषमताओं को दूर करो मां शारदे।
शब्द सृजन करें मां शारदे।
शब्द सृजन पुष्प से तेरा जाप करें मां शारदे।
शब्दों की दुनिया तुम हो मां शारदे।
शब्द भी तेरा दुनिया भी तेरी ।
शब्दों की ज्ञाता तुम हो मां शारदे।
जरा शब्दों के व्यवहार का अध्ययन करने
में सफलता दिला दे मां शारदे।
शब्दों के कोष विस्तृत हो मां शारदे।
शब्दों के उपयोग में ना अवरोध हो मां शारदे।
शब्दों में ना रोष हो मां शारदे।
शब्दों में तेरे जय घोष हो मां शारदे।
जय जय मां शारदे।
कोटि-कोटि प्रणाम मां शारदे।
अनिता कहे अब शब्दों को सरसिज सी
शीतलता दे मां शारदे।
अज्ञानता को दूर करो मां शारदे।
सृजनता का आधार हो तुम मां शारदे।
जीवन का आधार हो तुम मां शारदे।
संसार का उद्धार करो मां शारदे।
भवसागर से पार करो मां शारदे।
जीवन नैया पार लगाओ मां शारदे।
दया दृष्टि दिखलाओ मां शारदे।
शीश पर आशीष बनाए रखना मां शारदे।
सपरिवार कुशल मंगल रखना मां शारदे।
तुम ही माता पिता बंधु सखा मां शारदे।
सारथी जीवन की तुम हो मां शारदे।
दण्डवत प्रणाम मां शारदे।
अनिता सिन्हा ✍️
दिनांक ३ दिसंबर २०२१.