कल किसने देखा है।
कल किसने देखा है। पल भर में क्या से क्या
हो सकता है। दुनिया बहुत बड़ी है। आज यहां
तो कल वहां । पहले से ही तय किए गए है कि
कौन किस विधि और कैसे जाएंगे। वर्तमान में
जिंदगी को जी लेना चाहिए । कल के भरोसे
कोई भी काम नहीं छोड़ना चाहिए। मानव शरीर
न मिलेंगे बारंबार। समय के अनुसार पेड़ पर फल
फूल लगते हैं। हर चीज का एक वक्त होता है।
वक्त हाथ से निकल गया तो फिर हाथ मलते हुए
रह जाएंगे। एक कहावत भी है कि शुभस्य शीघ्रं।
किसी भी कार्य को कल के भरोसे नहीं छोड़ना
चाहिए । वर्तमान को खुशी से गुजारना चाहिए।
आने वाला कल को अगर खुशहाल बनाना चाहते
हैं तो क्यों न आज को यादगार पल बना
लिया जाए। फिर कहना भूल जाएंगे कि कल
किसने देखा है क्योंकि जब आज शानदार होगा
तो कल जोरदार होना ही है।
अनिता सिन्हा ✍️
दिनांक ४ दिसंबर २०२१
जय सहस्त्रबाहु नारायण कोटि-कोटि प्रणाम।