बस इतना कामयाब बनना है मुझको
की किसी को मुझे अपना नाम बताना ना पड़े,
लोग करें मेरी पहचान मेरे कर्म से
यूं किसी को मुझे आज़माना ना पड़े,
और वो जो जलते हैं मुझसे
उनसे यही कहूँगी
हो जाना तो यूँ जल जल के राख,
की फिर कभी मुझे, तुम्हे जलाना ना पड़े।।
-श्रुति शर्मा