Hindi Quote in Shayri by रामानुज दरिया

Shayri quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

बेड़ियां पैरों की मैं तोड़ न सका
चाह कर भी उसे मैं छोड़ न सका।

मुश्किलों का दौर जब भी गुलाबी हुआ
आंसुओं को भी मैं पोंछ न सका।

गुनाह - दर - गुनाह मैं बस करता रहा
अदालत-ए-इश्क मैं कभी सोंच न सका।

सुरमयी आंखों का कोई कसूर न था
रुख मयखानों का कभी मोड़ न सका

हथेलियां मोम की पत्थर सी हो गयी
जिम्मेदारियों का तबस्सुम तोड़ न सका

इश्क की तालीम पढ़ेंगे रांझा और हीर भी
सिल-सिले मोहब्बत को कोई रोक न सका।

ऐसा नही की कोशिश कमतर हुई 'दरिया'
पर बिखरे ऋण को कोई जोड़ न सका।
-रामानुज दरिया

Hindi Shayri by रामानुज दरिया : 111759904
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now