सभी हनुमान भक्तों को बधाई मंगलवार की जय जय श्री राम जय बजरंगबली हनुमान जी
जय श्री राम जय जय श्री राम ➖ ब्रह्मदत्त
ॐ हं हनुमते नमः-ब्रह्मदत्त
भगवान श्री राम एवं हनुमान जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का
|| श्री राम स्तुति ।।
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन, कंज-मुख, कर-
कंज, पद-कंजारुणम्।।
:भावार्थ:
हेमन! कृपालु श्रीरामचंद्र जी का भजन कर... वह
संसार के जन्म-मरण रूपी दारुण भय को दूर करने
वाले हैं... उनके नेत्र नव-विकसित कमल के समान
हैं, तथा मुख, हाथ और चरण भी लाल कमल के
सदृश हैं...-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
कंदर्प अगणित अमित छवि,
नवनील-नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि
नौमि जनक सुतावरम्।
:भावार्थ:
उनके सौंदर्य की छटा अगणित कामदेवों से बढ़कर
है, उनके शरीर का नवीन-नील-सजल मेघ समान
सुंदर वर्ण (रंग) है, उनका पीताम्बर शरीर में मानो
बिजली के समान चमक रहा है, तथा ऐसे पावन रूप
जानकीपति श्रीराम जी को मैं नमस्कार करता हूं...-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़