*🙏जय माताजी जय सियाराम🙏*
*चिंता से चतुराई घटे,*
*घटे रूप और ज्ञान ।*
*चिंता बड़ी अभागिनी,* *चिंता चिता समान।*
*तुलसी भरोसे राम के, * *निर्भय हो के सोय।*
*अनहोनी होनी नहीं,*
*होनी होय सो होय!*
*इसी विचार के साथ सबको प्रणाम ! व्यस्त रहे, मस्त रहे, स्वस्थ रहे।*
*🌹 सुप्रभात 🌹*
🙏