Parmaansiii_008
कभी खुद के साथ वक्त बिताया है क्या?
कभी खुद को खुद ही से मनाया है क्या?
भीड़ भाड़ सी इस रंगीन दुनिया में,
शोर - शराबा से भरे इस बाजार में,
कभी खुद को दिल का हाल सुनाया है क्या?
झूठी कसमो और वादो के जमाने में,
चेहरे की चाहत के इस नए दौर में,
कभी खुद ही से वफ़ा जताई है क्या?
पल पल बीत रहे हर इक पल में,
आज में या फिर बीते हुए कल में,
कभी खुद को सफल बनाया है क्या?
कांटो बिछी उन कठिन राहों में,
कैसे भी हो सख्त मुश्किल हालातो में,
कभी खुद का साथ निभाया है क्या?
कभी खुद के साथ वक्त बिताया है क्या?
कभी खुद को खुद ही से मनाया है क्या?