भारत की पहचान है गंगा
(भक्ति काव्य गीत)
भारत की पहचान है गंगा, हर हर गंगे,
देश का अभिमान है गंगा, हर हर गंगे।
हमारी सभ्यता और संस्कृति जुड़ी इससे,
आन बान व शान है गंगा, हर हर गंगे।
भारत की पहचान है…………
बाबा भोलेनाथ शान से जटा में सजाते,
धरा का अरमान है गंगा, हर हर गंगे।
वर्षा ऋतु में भयंकर रूप पकड़ लेती है,
हरियाली की जान है गंगा, हर हर गंगे।
भारत की पहचान है…………..
जग के लिए गंगा मैया जो कुछ भी हो,
भारत हेतु वरदान है गंगा, हर हर गंगे।
बहुत सारी नदियां, मिलती हैं गंगा में,
तभी देवी समान है गंगा, हर हर गंगे।
भारत की पहचान है………….
प्रमाणित किया जाता है कि यह रचना स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसका सर्वाधिकार कवि/कलमकार के पास सुरक्षित है।
सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह,