...... प्रेम करो ......
जितना कर सको
उतना करो ,
बेझिझक बेशर्त
प्रेम करो ,
मनुष्यों से करो
पशुओं
से करो
पक्षियों से करो ,
पौधों से करो
पत्थरों से करो ,
जितना कर सको
करो ,
“ प्रेम “
जितना लुटाओगें
उतना ही परमात्मा ,
को
अपने निकट पाओगे
🌹
स्वस्थ,मस्त ,व्यस्त
रहो
,•*•,
😀
॰॰॰॰
।। जय सियाराम जी ।।
🌹सुप्रभात🌹