मेरे सामने वो आ खड़ा दोस्तों,
लगा मुजकोकितना खफा दोस्तो।
जुदाइ के जो सदमें उठाये सदा ,
निभाता रहा वो जफा दोस्तों ।
रहा वो हमेशा जो नगमा सरा,
जताइ सदा खुश अता दोस्तो।
जीसके करम की करी जुस्तजु ,
कीया उसने रंजिश जदा दोस्तो।
सदा सारे हम गम अकेले सहें,
रही उनकी अपनी अदा दोस्तो।
महोबत के लम्हे न भुले कभी,
हमें याद है सब जरा जरा दोस्तो।
शीकायत तेरीअबक्या मासूम करे
सीतम जब हुवा बरमला दोस्तो ।
मासूम मोडासवी