Hindi Quote in Blog by तिमिर उपाध्याय

Blog quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

दुनिया में कई प्रकार के सम्बन्ध और उनसे जुडी अपेक्षाएं होती हैं। इसका कोई तय फार्मूला नहीं है। जिससे हमें ख़ुशी मिले , हो सकता है किसी दूसरे को वही काम सही न लगे। तो अपने रिश्तों को इसी तरह मैनेज करें कि उनमे एक बैलेंस हो।

सबसे पहले तो हमें यह जानना जरूरी है कि रिश्ता क्या है?
यदि आप रिश्ता की कोई परिभाषा चाहते हैं तो इसको स्वयं नंद स्वरूप श्री कृष्ण जी भी इसे परिभाषित नही कर पाये।
रिश्ता बस एक एहसास है।
यदि कोशिश की भी जाए तो शायद कोई ऐसी परिभाषा नहीं लिखी जा सकती जो रिश्तों को गहराई से परिभाषित कर सके।
बात ये नही की रिश्ता को परिभाषित नही किया जा सकता या ये कोई बहुत जटिल शब्द या विषय है, बल्कि सच तो यह है कि रिश्ता जीवन की सफलता का एक बड़ा मानक है, जिसे कुछ शब्दों में अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता।
रिश्ता एक विश्वास के डोर पर टिका होता है ,
कहा गया है ,
टूटे से फिर न जुड़े ओर जुड़े गांठ पड़ जाए।

यानी , कोई व्यक्ति सफल होता है तो अपने माता पिता और गुरु जनों को धन्यवाद प्रस्तुत करता है , जबकि ये कोई जरूरी नही है , माँ ने आपको जन्म दिया आप उन्हें छोड़ के चल जाओ क्या होगा कुछ भी नही पर आप नही जाते , क्यों ? क्योंकि ये आपका लगाव और प्यार है और यही भावनाएं तो रिश्ता कहलाती है ।
रिश्ता कोई जरूरी नही पारिवारिक या खून का हो ये कुछ भी हो सकता है,
क्या इनके भी प्रकार होते हैं अगर है तो चलो आज ढूंढते हैं
1)वचनबद्ध रिश्ता
प्रेमी प्रेमिका
2)बिना बंधन का रिश्ता
मित्र
3)विवाह सम्बन्ध
पति पत्नी
4) सामाजिक रिश्ता
परिचित व्यक्ति
5) खून का रिश्ता
मां बाप भाई बहन आदि

जीवन के हर परिवेश में एक दूसरे के लिए पूरा और अटूट विश्वास। कुछ लोगों के अनुसार यही रिश्ते गम्भीर होते हैं।

रिश्तो को हक नहीं उपहार समझे यह रिश्ते किसी को भी आसानी से नहीं मिलते इन्हें अपनी उपहारों की तरह हमें संभाल कर रखना चाहिए,
जिन रिश्तो में हक ना जताने का रिवाज हो उन्हीं में शक की गुंजाइश नहीं होता
प्रेम की समुन्द्र मे लहराती बूंदों की तरह होती है ये रिश्तो की डोर , रिश्ता एक भवना ओर प्यार का नाम है , चाहे कोई इसे माने या न माने, रिश्तो में हम किसी भी प्रकार का मालिकाना हक नहीं जता सकते क्योंकि रिश्ते जो है प्रेम वात्सल्य और भावनाओं से होती है ना की जोर जबरदस्ती से हम अपना हक उसी पर जता सकते हैं जिस चीज को हम खरीद सकते हैं उसका उपभोग कर सकते हैं उपयोग कर सकते हैं किंतु रिश्तो को ना हम खरीद सकते हैं ना उनका उपयोग कर सकते हैं ना उनके उपभोग के बारे में हम सोच सकते हैं । रिश्तो में खटास वहीं पर हो जाती है जहां हम एक दूसरे के प्रति मालिकाना हक जताना शुरू कर देते हैं ।

Hindi Blog by तिमिर उपाध्याय : 111710620
New bites

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now