तुम्हारी तस्वीर को अपने सीने से लगाए बैठा हूं
क्या बताऊं तुमसे किस कदर इश्क कर बैठा हूं
तुम्हारी यादों को अपने जहन में सजाए बैठा हूं
क्या बताऊं तुमसे किस कदर उस बेला को अपने अंदर सहेज कर बैठा हूं
तुम्हारी बेवफाई को अपने दिल से लगाए बैठा हूं
क्या बताऊं तुमसे किस कदर उस बेवफाई को वफा मानकर बैठा हूं
*✍🏻कलमकार✍🏻*
*अतुल कुमार*