रूठकर जाने वाले को ये सोचकर भी ,मना लेना चाहिये कि - रूठने वाले की सौ - सौ उम्मीदें हम पर टिकीं थीं .... और जिस भाव बिंदु को उम्मीदें स्पर्श कर लें .…...वो निश्चित ही प्रीत पर ही केंद्रित रही होगीं । रूठना अब भी प्रेम की सर्वाधिक सहज प्रक्रिया मानी जा सकती है । 🖤