मातृभर्ती कोई भी मेसेज ओपन नही होने दे रहा है। अजीब ज़बरदस्ती है कि 30₹ खर्च करो तभी मेसेज देख पाओगे।। इस से बेहतर तो प्रतिलिपी है जो हम लेखकों को 100 रुपये महीना दे रहा है।और लाखों पाठक भी फ्री। मैं अपनी सभी कहानियां मातृभर्ती से हटा रहा हूँ।। मतलब हम अपनी कहानियां भी फ्री में दे। अपना वक़्त हुनर सब कुछ फ्री दें। और उसके बाद 30 रुपये महीना और 360 रुपये साल के भी दें। हमसे बड़ा बेवकूफ कोन होगा।।