चमत्कार
पूर्णतः सत्य कथा
एक लड़की जिसको विवाह के 7 वर्ष पश्चात भी संतान प्राप्ति नहीं हुई थी. जिसके अनेक वैज्ञानिक कारण भी थे. अनायास ही उसकी एक सजातीय व्यक्ति से मुलाकात हुई लड़की की जिज्ञासा और संतान प्राप्ति की बहुत गहरी उत्कंठा, आशा को देखकर उस सामान्य व्यक्ति ने अपने साधार्मिक ग्रंथों से एक सूत्र का जाप करने के लिए उसे दिया और बहुत ही सहज भाव से एक यंत्र को स्थापित करते हुए दिया. साथ ही पीपल का पौधा सावन मास में नदी किनारे रोपने का और उसे सुरक्षित करने का आश्वासन भी लिया. प्रभु और गुरु की कृपा ऐसी बरसी कि लगभग 11 माह पश्चात उस लड़की को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. इसे प्रभु,गुरु और हमारे पूर्वजों के द्वारा तंत्र-मंत्र और यंत्र के उपयोग का चमत्कार ही कहना होगा..
सहजता ही देवत्व है,यही से चमत्कार का जन्म हुआ है... सहजता ही चमत्कार की जननी है.
तेज़करण जैन.
छत्तीसगढ़