नमस्कार लेखकों...!!🙏
संकट, समस्याएं, कठिनाइयां यह तो हर एक के जीवन में आते हैं अधिकतर बार ऐसा होता है कि:- मनुष्य के जीवन में जब कोई संकट आता है तो वह वही भयभीत हो जाता है, चिंतित हो जाता है, निराश हो जाता है,
किंतु
यदि मैं आपको सत्य बताऊं तो हमारे व्यक्तित्व के विकास के लिए, हमें लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए, यह संकट, यह समस्याएं, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है .... और इसका उदाहरण हम नहीं
अर्थात प्रकृति स्वयं देगी:-
हम स्वयं धरती माता को देख लें,....धरती माता सूर्य का ताप सहती है क्यों..?
ताकि धरती पर जो जल है वह वास बनकर ऊपर जाए, मेघ बने,और धरती पर पुनः एक बार बारिश करें नया जीवनदान दे
वही बात कीजिए;- पतझड़ की तो वृक्ष को देखिए पतझड़ की इस ऋतु में सारे पत्ते झड़ जाते हैं
तत्पश्चात:--उस वृक्ष पर होता है नवनिर्माण नए पत्ते आते हैं वह वृक्ष पुनः खिल उठता है, लहलहा उठता है, ऐसे आपके जीवन में संकट कठिनाइयां समस्याएं यह तो आते ही रहेंगे... आपको इससे भयभीत नहीं होना है, पीछे नहीं हटना है,निराश नहीं होना है,.. अर्थात डटकर साहस के साथ दुख का सामना करना है
यह करना आप सीख जाएंगे तो आप स्वयं देखेंगे:-
" यही संकट,यही समस्या,यही कठिनाइयां आप को बल प्रदान करती है"....😊