*हँसते हुए लोगो की संगत*,
*सुगंध की दूकान जैसी होती है*
*कुछ न खरीदो तो भी,*
*शरीर तो महका ही देती है*
*सादगी परम सौंदर्य है,*
*क्षमा उत्कृष्ट बल है.....*
*विनम्रता सबसे अच्छा*
*तर्क है,.!!*
*और अपनापन सर्वश्रेष्ठ*
*रिश्ता है...........…...!!*
🌹🙏🌹जय सियाराम जी 🌹🙏🌹
🌹🙏