प्यार करोगे मुझसे?
सोच समझ कर जवाब देना |
कोई जल्दी नही है |
जल्दबाज़ी में इन्कार न करना |
दिल कहे, तभी हाँ करना |
देखो तुम मुझे गलत न समझना |
और डरना तो ज़रा भी नही, क्यों कि
हो सकता है
तुम्हारा इन्कार मुझे तोड दे |
हो सकता है
मैं कुछ दिन उदास रहूँ, रोती रहूँ |
ये भी हो सकता है कि
तुम्हे लगे कि
तुमसे दूर हो गई हूँ, नाराज़ हूँ |
मगर यक़ीन रखना,
तुम्हारी दोस्त बन कर फिर लौट आऊँगी |
तुम्हे पाने के लिए
तुम्हे कैसे खोऊँगी !
दूर जा कर जीऊँगी कैसे?
और तुम्हे देखे बिना
बोलो, क्या मैं मर भी पाऊँगी !
--निर्मोही