उदास चेहरे पर मुस्कान थमती नहीं है।
सच में उसकी किसी से जमती नहीं है।
कई बार सोचा कि उससे पूछू उसका हाल
मगर अफसोस वह किसी से मिलती नही है।
सोचता हूँ चौराहे पर मुलाकात हो जाएगी।
मगर वो दरिया है हर जगह ठहरती नही है।
काश ! कि वो मान जाये अब भी फैसले को
पत्थर है वो इरादे अपने बदलती नहीं है।
-Arjun Allahabadi