मेरा कुछ ख़्वाब है
क्या तुम संभाल लोगे,
मै थोड़ी सी उलझ गई हूं जो,
क्या तुम निखार लोगे।
मेरे.
मेरे टूटे से पेन और अधलिखी डयरी है
मै जब ना राहु क्यों तुम संभाल लोगे।
मेरे..
मेरे घर के आगन मे तुलसी का पेड़ है,
उसमे पानी कभी कभी क्या तुम डाल दोगे।
मेरे..
वो जो किताब मगवाई थी पिछली जनवरी में
इस जनवरी मे क्या उसे अपने सीने से लगा लोगे
मेरे...