कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना,
पर हमने कब कहा कि सीखा है हमने सहना,
रखे हैं कदम आगे अभी जमाने से डरकर,
अपने पीछे चलाने को ये जमाना बाकी है।
समय की कीमत ही तो समझी है बस अभी,
बेखौफ होकर उसका बिताना बाकी है,
गैरों की बातों से हम ही तो हुए हैं घायल,
हमारे तीर का भी लगना अभी निशाना बाकी है।
-jagGu Parjapati ️