रोटी गेहूँ की है, गेहूँ किसान उगाता हैं।
किसान खबरो में है, क्योंकि उसके पास कुछ सवाल, कुछ चिंताएँ और आशंकाएँ हैं जो सही है या गलत, संवाद का विषय है।
समय चक्र चल रहा है, पृथ्वी धूम रही है
नमक खा कर भी फर्क निभाने वाले देश में
मैं चुप हूँ, जब की पता है कि
भूख लगने पर मुझे फिर से रोटी खानी हैं।