बेवजह मुस्कुराकर खुश होने का ढोंग करना,तुम्हारे प्रति अपने जज्बातों को संभालना, खुद को अकेला पाना,और तुम्हारे बिन ही कैसे भी जिये जाना,मेरी रोज की दिनचर्या हो गई है,क्योंकि तुम्हारे साथ गुजरा हुआ हर लम्हा अब बस एक स्वप्न सा लगता है और जाग्रत होने के बाद अभी तक उसमें ही खोया हूँ.!