रास्ता मुश्किल है,
पर तु रुकावट की परवाह किये बिना चलती जा ।
आज तक कभी तू थकी नही, तो अब क्यों रुकना ?
हौसलों को बुलंद किये, आगेका रास्ता तय करती जा ।
किस्मत का सिक्का हमेशा अपने तरफ चले, ऐसा ज़रूरी नही,
सच थोड़ा कड़वा ही सही, हार माने बिना बस तू चलती जा ।
यूँ हौसला हारने से कुछ न होगा,
कुछ पाना है, तो हार को अपनाकर आगे बढ़ने का जिगरा रखती जा ।
मंज़िले आसान हो तो उसे हॉसिल करने का मज़ा कहा मेरे दोस्त,
तूने जो चाहा है, वो तू पाएगी बस ये उमीद रखके महेनत करती जा ।
हर रात के बाद नया सवेरा है, हर गम के बाद खुशियों का बसेरा है,
ज़रुरत है तो बस चलते रहने की, कुछ सोच मत, बस उन खुशियों की ओर चलती जा ।
~ रुचिता गाबाणी