ये जो तुम्हें जलन हैं
इसकी कोई वजह है
या फिर
कोई घमंड पाले बैठे हो
हमने लोगों को कितने प्यार से मिलते देखा है
एक तुम हो जो सबसे मुंह फुलाये बैठे हो
इसकी भी कोई वजह है
या फिर
कोई घमंड पाले बैठे हो
ऐसा भी क्या, जो अपने-आप को ही सब समझ बैठो हो
तुम्हारी मर्जी जो तुम करो
और दूसरों पे रोब जमाये बैठे हो
इसकी भी कोई वजह है
या फिर
कोई घमंड पाले बैठे हो
हमने तुम सा इंसान नहीं देखा
हमारे घर में ही आके
हमको घर से निकला रहे हो