खुद कुछ भी कहते नही मगर सवाल बहुत करते हो तुम।
कभी कभी शांत भी रहा करो बवाल बहुत करते हो तुम।
जी लो जी भर कर के ये जिंदगी छोटी है "अर्जुन"।
कभी प्यार भी कर लिया करो यार बहुत लड़ते हो तुम।
रोज़ खिड़की से दीदार करने की ताक में रहते हैं हम।
तमन्ना मचल जाती है मेरी गली से जब गुजरते हो तुम।
हज़ारों दिलों के जज़्बात उमड़ने लगते हैं फिर से एक बार
हसरतें जवां होने लगी है बूढ़ों की भी जब संवरते हो तुम।