न मै हिन्दू हूँ न मै मुसलमान हूँ ।
न गीता हूँ न मै कुरआन हूँ।
मै आज के हालातों से परेशां
आम इंसान हूँ।
न कोई बाबा न मै भगवान हूँ।
न अकबर न सिकंदर महान हूँ
मै नौकरी को खोजता
एक नौजवान हूँ।
न मै नेता न दरबान हूँ
न ही राजा न ही साहेबान हूँ
कर्ज से दबा हुवा
मै बे सहारा किसान हूँ।
करता हूँ मै देश् की सुरक्षा
लोग कहते हैं मै हूँ अच्छा
न छुट्टी न खाना मिले अच्छा।
कभी टाइम मिले तो करो समीक्षा
अपने ही सिस्टम से मै हलाकान हूँ
हाँ मै सीमा पर तैनात जवान हूँ।
अर्जुन इलाहाबादी