दुनिया के बेहतरीन लड़ाके भारत में हर घर पाए जाते हैं , जिनका युद्धाभ्यास सुबह की चाय के कप के चयन से शुरू होकर , माँ किसकी तरफ़ मुँह करके सोयगी पर समाप्त होता है ।
युद्ध की शुरुआत के मुख्य कारण चिढ़ाना , हँस देना , tv का रिमोट , विशेष वस्तु या जगह का उपयोग , गाड़ी की सीट का चयन इत्यादि हो सकते हैं , परंतु युद्ध समाप्त होने का एक तरीका होता है , जिसमें पिता नामक रैफरी दोनों को धुनक दे । हालाँकि रैफरी पर बहन के साथ मिली भगत के आरोप लगते रहे हैं , पर आज तक कोई UN जैसे उसका भी कुछ उखाड़ नहीं पाया है ।
अगर शक्तियों की तुलना करें तो , नाख़ून , दाँत बहन के मुख्य हथियार माने गए हैं जिसके साक्ष्य भाई की बाह्न , हाथ , कंन्धे , चेहरे पर पाए भी जाते हैं । इसकी चोंट से उबरने के लिए औसतन 3 या 4 दिन लग जाते हैं , कभी कभी ये अत्यंत पीड़ादाई होता है , और नए युद्धों का कारण भी बन जाता है ।
वहीं , भाई के हथियार में घूसा और मुट्ठी भींच चुटिया खींचना मुख्य है । घूसा थोड़ी देर के लिए तो दुश्मन को चित कर देता है , पंरतु लंबे समय के लिए हानिकारक नहीं होता , इससे व्यक्ति जल्द रिकवर हो जाता है , दूसरा है 'चुटिया खींचना' जो कि लगभग युद्ध जीत की निशानी होती है । कभी कभी भाइयों ने चोटी पकड़कर बहन को घीसा भी है , हालाँकि ये कम ही देखने को मिला है , परंतु इन युद्धों में जीत बहन की ज़्यादा हुई है , क्योंकि उनकी एक मिसाइल रोना-धोना द्वतीय जिसकी रेंज 3 मकान तक होती है , बढ़ी ही घातक है । इतिहास की और जाएँ तो इस मिसाइल ने कई भाइयों को ध्वस्त किया है । जिसमें UN का साथ और शक्तियां बहन को मिल जाती हैं । और भाई को पीट दिया जाता है ।
अगर रोने धोने के साथ बहन दहाड़ भी मार कर रोये तो , ऐसा कहा गया है कि अधिकतम 4-5 दिन तक युद्ध विराम भी हो जाता है जिसके की प्रयोग को भाई कम्युनिटी हमेशा युद्ध नीति के विरुद्ध मानते रहे हैं ।
सुरक्षा की दृष्टि से बाकी जानकारी साझा नहीं की जा सकती हैं । आपको ये रिपोर्ट कैसी लगी , हमें जरूर बताइये । और जिसके साथ आपने इद्ध किया है उसे यहाँ टैग कर युद्ध के लिए पुनः आमंत्रण ज़रूर करें ... ❤️❤️
#भैया दूज